Rajnandgaon Development News (राजनांदगांव विकास समाचार): छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के इतिहास में विकास और सुशासन का एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। किसानों की आर्थिक प्रगति, ग्रामीण अंचलों का बुनियादी ढांचा मजबूत करने और आम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के संकल्प के साथ राज्य सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव के ऐतिहासिक स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित एक विशाल प्रगतिशील किसान सम्मेलन के दौरान जिले को 510 करोड़ 89 lakh रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत वाले 333 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी है। इन जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे। इस भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को धरातल पर अक्षरशः उतारना और प्रत्येक परिवार तक सुशासन का लाभ पहुंचाना ही उनकी सरकार का मुख्य ध्येय है।
राजनांदगांव के इस मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत विकास कार्यों की बड़ी घोषणाएं भी कीं। इनमें शिवनाथ नदी के प्रसिद्ध मोहारा मेला स्थल से लेकर ऑक्सीजन जोन तक एक अत्याधुनिक सस्पेंशन ब्रिज (झूला पुल) का निर्माण, ईरा एनीकट का निर्माण व उसका जीर्णोद्धार कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग का नया निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन योजना का पुनरुद्धार कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल राजनांदगांव शहर का सौंदर्यीकरण बढ़ेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहद मजबूत हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद बाजार तक लाने में बड़ी सहूलियत होगी।
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले की तारीफ करते हुए कहा कि यह जिला पूरे छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण (क्रॉप डायवर्सिफिकेशन) और जल संरक्षण के एक बेहतरीन मॉडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। यहां के मेहनती किसानों ने पारंपरिक रूप से केवल धान की खेती करने के पुराने ढर्रे को छोड़कर अब दलहन, तिलहन और अन्य नकदी व लाभकारी फसलों की ओर कदम बढ़ाया है, जिसके बेहद सकारात्मक और क्रांतिकारी परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों को इस दिशा में और अधिक प्रेरित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा नीतिगत ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि खरीफ 2026 से 'कृषक उन्नति योजना' के तहत जो भी किसान धान के स्थान पर अपने खेतों में दलहन, तिलहन अथवा अन्य वैकल्पिक फसलें लेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की भारी-भरकम आदान सहायता राशि (प्रोत्साहन बोनस) सीधे उनके खातों में प्रदान की जाएगी। इस कदम से न केवल जमीन की उर्वरा शक्ति बचेगी और भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि किसानों की शुद्ध आय में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र को और अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए जिला प्रशासन और देश की जानी-मानी कंपनी एबीस एक्सपोर्ट के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत क्षेत्र के किसानों द्वारा उपजाए जाने वाले सोयाबीन की फसल को कंपनी सीधे अच्छे दामों पर खरीदेगी, जिससे किसानों को मंदी के चक्कर काटने और बिचौलियों के हाथों शोषण से मुक्ति मिल जाएगी। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों की रीढ़ बन चुकीं कृषि सखी दीदियों, कर्मठ सरपंचों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को मंच से सम्मानित किया गया। साथ ही, फसल चक्र परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को उन्नत बीजों की मिनी किट भी वितरित की गईं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी अपने संबोधन में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव और उनकी महिला स्वसहायता समूह की तारीफ की, जिन्होंने भीषण दोपहरी में गांवों की यात्रा कर फसल चक्र परिवर्तन के लिए एक अद्भुत जन-जागृति अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता को दफ्तरों के चक्करों से राहत दिलाने के लिए लागू की गई सुशासन की योजनाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनता की छोटी-बड़ी शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निपटारे के लिए 'सीएम हेल्पलाइन 1076' को बेहद सक्रिय और जवाबदेह बनाया गया है। इसके अलावा, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने वाली 'ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली' के माध्यम से अब आय, जाति, निवास और राशन कार्ड जैसी विभिन्न विभागों की 400 से अधिक महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं लोगों को घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 'मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना' और दीर्घकालिक रूप से बिजली के भारी बिलों से परमानेंट मुक्ति दिलाने के लिए 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' को तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव की जनता से अपील की कि वे अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाएं और मुफ्त बिजली पाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।
विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल सीमेंट और कंक्रीट के बुनियादी ढांचे खड़े करना नहीं है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को पक्का आवास, शुद्ध पेयजल, बिजली, पक्की सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी देना है। इस ऐतिहासिक विकास पर्व के अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा सहित क्षेत्र के हजारों किसान और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राजनांदगांव में हुआ यह भव्य आयोजन यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का यह अंचल कृषि और सुशासन के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक नजीर बनने जा रहा है।






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