बालोद के जिला सहकारी बैंक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बैंक परिसर के भीतर अचानक आग की लपटें उठने लगीं। इस हादसे के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि बैंक की छत और बिजली के तारों पर बंदरों की उछल-कूद के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। घटना के समय बैंक में धुआं भरते ही कर्मचारी और वहां मौजूद लोग जान बचाकर बाहर की ओर भागे।
आग इतनी तेजी से फैली कि बैंक के भीतर रखे कई महत्वपूर्ण कंप्यूटर सिस्टम और रिकॉर्ड रूम में मौजूद जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए हैं। बालोद जिला मुख्यालय स्थित इस बैंक में लगी आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक बैंक का काफी फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्वाहा हो चुके थे।
इस अप्रत्याशित घटना के कारण बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। बालोद के इस सहकारी बैंक में किसानों और आम नागरिकों का काफी लेनदेन होता है, ऐसे में दस्तावेजों के जलने से रिकॉर्ड्स को लेकर चिंता बढ़ गई है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि वे नुकसान का आकलन कर रहे हैं और यह जांच की जा रही है कि कौन-कौन से डेटा का बैकअप मौजूद है ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन इस बार उनकी शरारत ने बैंक को लाखों का चूना लगा दिया। बालोद प्रशासन अब बैंक परिसर की वायरिंग और सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच कराने की बात कह रहा है। फिलहाल, बैंक परिसर को अस्थायी रूप से बंद कर सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, ताकि सेवाओं को फिर से बहाल किया जा सके।








