धर्मेंद्र के निधन के बाद उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पहली बार अपना दर्द साझा किया है। एक भावुक संदेश में हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र के अंतिम दिनों में उन्हें अपनी आंखों के सामने कमजोर होते और टूटते देखना उनके लिए सबसे कठिन अनुभव था। उन्होंने कहा कि "ही-मैन" के नाम से मशहूर अभिनेता ने अपनी बीमारी के दौरान भी काफी हिम्मत दिखाई, लेकिन उन्हें उस स्थिति में देखना पूरे परिवार के लिए असहनीय था।
हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए उठ रहे उन सवालों का भी जवाब दिया, जो उनके परिवार द्वारा अलग से प्रेयर मीट (प्रार्थना सभा) आयोजित करने पर पूछे जा रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से उनका निजी मामला है और परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। हेमा ने कहा कि दुख की इस घड़ी में हर किसी का शोक मनाने का अपना तरीका होता है और वे इसे निजी रखना चाहती थीं।
अभिनेत्री ने आगे साझा किया कि धर्मेंद्र न केवल एक महान अभिनेता थे, बल्कि एक बेहद कोमल हृदय वाले इंसान भी थे। उनके जाने से जो शून्य पैदा हुआ है, उसे कभी भरा नहीं जा सकता। हेमा ने प्रशंसकों और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस कठिन समय में परिवार को अपना समर्थन और प्यार दिया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी और उनकी विरासत सिनेमा के जरिए जीवित रहेगी।
इस दौरान हेमा मालिनी ने यह भी संकेत दिया कि वे धर्मेंद्र की इच्छाओं और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि धरम जी हमेशा चाहते थे कि उनका परिवार एकजुट रहे और उनके प्रशंसकों को कभी निराशा न हो। उनके निधन के बाद से ही बॉलीवुड और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर है, और हेमा के इस बयान ने उनके प्रशंसकों को और भी भावुक कर दिया है।
अंत में, हेमा मालिनी ने मीडिया से अपील की कि इस दुखद समय में उनकी और उनके परिवार की निजता का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र के साथ बिताए गए दशक उनके जीवन के सबसे खूबसूरत पल थे और वे उन यादों के सहारे ही आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। यह पहली बार है जब उन्होंने धर्मेंद्र के निधन के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।








