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हीराकुंड एक्सप्रेस में हाईटेक तस्करी: शौचालय की छत को बनाया गांजा का अड्डा, सुराग खोजने ओडिशा जाएगी बिलासपुर GRP
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CG News- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से होकर गुजरने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस में ट्रेन के शौचालय (टॉयलेट) को गांजा तस्करी का मुख्य जरिया बनाने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए ट्रेन के शौचालय की छत (सीलिंग) के भीतर भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा था। इस हाईटेक और शातिर तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के बाद अब बिलासपुर शासकीय रेल पुलिस (GRP) मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है।

जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड और तस्करों को दबोचने के लिए बिलासपुर से पुलिस की एक विशेष टीम जल्द ही ओडिशा के लिए रवाना होगी। चूंकि हीराकुंड एक्सप्रेस ओडिशा से खुलकर छत्तीसगढ़ होते हुए जाती है, इसलिए पुलिस को अंदेशा है कि गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा के ही किसी स्टेशन से ट्रेन में लोड की गई थी। ओडिशा पहुंचने के बाद जीआरपी की टीम वहां के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगालेगी।
जांच टीम को पूरी उम्मीद है कि तकनीकी सर्विलांस और स्टेशन फुटेज की बारीकी से जांच करने पर संदिग्ध तस्करों का कोई न कोई सुराग या हुलिया जरूर हाथ लग जाएगा। ट्रेन के भीतर इस तरह से सीलिंग काटकर मादक पदार्थों को छिपाना किसी बड़े और संगठित गिरोह का काम माना जा रहा है। बिलासपुर जीआरपी अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ मिलकर ट्रेनों में चेकिंग अभियान को और कड़ा करने जा रही है ताकि भविष्य में पैसेंजर ट्रेनों का इस्तेमाल नशे के कारोबार के लिए न किया जा सके।







