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ट्रंप का सनसनीखेज दावा: अमेरिका ने वेनेजुएला पर किया 'बड़ा हमला', राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार...

वॉशिंगटन/काराकास: नए साल के तीसरे दिन दुनिया एक बड़े सैन्य घटनाक्रम की गवाह बनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह दावा करके सनसनी फैला दी कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। ट्रंप के अनुसार, इस विशेष अभियान के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को 'पकड़' लिया गया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। ट्रंप ने इसे एक "शानदार ऑपरेशन" करार देते हुए कहा कि इसे अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सेना के सहयोग से अंजाम दिया गया है।

काराकास से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार तड़के स्थानीय समयानुसार लगभग 2 बजे राजधानी और आसपास के इलाकों में कम से कम सात भीषण धमाके सुने गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाकों के समय आसमान में कम से कम दो सैन्य हेलीकॉप्टर और विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरते देखे गए। हमले के तुरंत बाद काराकास के बड़े हिस्से की बिजली गुल हो गई और लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। माना जा रहा है कि अमेरिकी विमानों ने ला कार्लोटा सैन्य हवाई अड्डे और फुएर्ते तिउना जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस ऑपरेशन को सेना की सबसे विशिष्ट यूनिट 'डेल्टा फोर्स' ने अंजाम दिया है। यह वही यूनिट है जिसने अतीत में कई हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों के खिलाफ मिशन पूरे किए हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो को गिरफ्तार कर संयुक्त राज्य अमेरिका लाया गया है जहां उन पर नार्को-टेररिज्म (मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद) के पुराने आरोपों के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। याद रहे कि अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर 5 करोड़ डॉलर (करीब 400 करोड़ रुपये) से अधिक का इनाम घोषित कर रखा था।
वेनेजुएला की सरकार ने इस हमले को "साम्राज्यवादी आक्रमण" बताया है। उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए राष्ट्रपति के जीवित होने का सबूत (प्रूफ ऑफ लाइफ) मांगा है। वेनेजुएला ने इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताते हुए अपनी रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बाहरी हस्तक्षेप के विरुद्ध आपातकाल की घोषणा कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। रूस, चीन और क्यूबा जैसे देशों ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। वहीं, लैटिन अमेरिका के कुछ अन्य देशों ने इस पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की है। आने वाले घंटों में राष्ट्रपति ट्रंप मार-ए-लागो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा कर सकते हैं। यह घटना लैटिन अमेरिका और अमेरिका के बीच दशकों पुराने तनाव को एक नए और अनिश्चित मोड़ पर ले आई है।







