Raipur: भारतीय रेलवे ने बिलासपुर जोन (SECR) के अंतर्गत एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी कर ली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के विजन के अनुरूप, अब बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया जाएगा। यह तकनीक न केवल बेटिकट यात्रियों पर लगाम लगाएगी, बल्कि स्टेशन पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से बिलासपुर स्टेशन देश के चुनिंदा 'स्मार्ट स्टेशनों' की सूची में शामिल हो जाएगा।
मेट्रो की तर्ज पर 'एक्सेस कंट्रोल' और स्मार्ट निगरानी
नई प्रणाली के तहत स्टेशन पर हाई-रेजोल्यूशन AI कैमरे लगाए जाएंगे जो प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास द्वारों पर तैनात होंगे। इस सिस्टम की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
सर्कुलेटिंग एरिया में निगरानी: कैमरे यात्रियों की गतिविधियों को ट्रैक करेंगे और संदिग्ध आचरण होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे।
वैध टिकट की पहचान: मेट्रो स्टेशनों की तरह केवल वैध टिकट धारकों को ही प्लेटफॉर्म तक पहुँचने देने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
भीड़ नियंत्रण: AI के जरिए स्टेशन के संवेदनशील हिस्सों में यात्रियों की संख्या का रियल-टाइम डेटा मिलेगा, जिससे भगदड़ जैसी स्थितियों को रोका जा सकेगा।
स्टाफ के लिए नया ड्रेस कोड और पहचान प्रणाली
स्टेशन को पूरी तरह संगठित बनाने के लिए रेलवे स्टाफ के लिए कलर-कोडेड ड्रेस कोड और अनिवार्य आई-कार्ड (ID Card) लागू किया जा रहा है। वेंडर, सफाई कर्मचारी, कुली और टीटीई को अलग-अलग रंगों की जैकेट पहननी होगी ताकि यात्रियों और सुरक्षा अधिकारियों के लिए उनकी पहचान करना आसान हो और अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोका जा सके।
400 करोड़ का पुनर्विकास: 2028 तक कायाकल्प का लक्ष्य
बिलासपुर रेलवे स्टेशन का लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें बेहतर प्रतीक्षा क्षेत्र, फूड कोर्ट और सुगम आवाजाही शामिल है। AI आधारित टिकट चेकिंग सिस्टम इसी आधुनिकीकरण का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य टीटीई (TTE) और आरपीएफ (RPF) की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।








