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IPS मल्लिका बनर्जी: जब 'सेल्सवुमन' बनकर अपराधियों के बीच पहुंचीं जांबाज अफसर, फिल्मी अंदाज में किया मानव तस्करी के गिरोह का भंडाफोड़

Chhattisgarh RRT News Desk 02 February 2026

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Raipur: छत्तीसगढ़ पुलिस की तेजतर्रार आईपीएस (IPS) अधिकारी मल्लिका बनर्जी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जो खाकी वर्दी पहनकर समाज सेवा का सपना देखते हैं। मल्लिका बनर्जी अपनी निडरता और अपराधियों के खिलाफ कड़े रुख के लिए जानी जाती हैं, लेकिन उनकी पहचान केवल एक सख्त अफसर की ही नहीं, बल्कि एक बेहद दिमागदार रणनीतिकार की भी है। उन्होंने कई मौकों पर यह साबित किया है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वर्दी की सूझबूझ के आगे उसके मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सकते। उनकी कार्यशैली ने उन्हें छत्तीसगढ़ के पुलिस महकमे में एक अलग पहचान दिलाई है।

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मल्लिका बनर्जी के करियर का सबसे चर्चित किस्सा वह है, जब उन्होंने मानव तस्करी (Human Trafficking) के एक बड़े रैकेट को ध्वस्त करने के लिए अपनी पहचान छुपाकर 'अंडरकवर ऑपरेशन' चलाया। तस्करों के गिरोह तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक साधारण 'सेल्सवुमन' का भेष धरा। एक आईपीएस अधिकारी होकर भी उन्होंने घर-घर जाकर सामान बेचने वाली महिला का किरदार इतनी बखूबी निभाया कि शातिर अपराधी भी उन्हें पहचान नहीं पाए। इस साहसी कदम के जरिए उन्होंने गिरोह के नेटवर्क की अंदरूनी जानकारी जुटाई और फिर एक सटीक रेड मारकर तस्करी का किला ढहा दिया।

इस जांबाज ऑपरेशन के दौरान मल्लिका ने न केवल मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि उन मासूम लड़कियों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिन्हें बड़े शहरों में बेचने की तैयारी थी। उनका यह ऑपरेशन आज भी पुलिस ट्रेनिंग में एक केस स्टडी के रूप में याद किया जाता है। मल्लिका मानती हैं कि पुलिसिंग केवल ऑफिस में बैठकर फाइलें निपटाना नहीं है, बल्कि जमीन पर उतरकर जनता के बीच विश्वास पैदा करना और अपराधियों में खौफ भरना है। उनके इसी जज्बे के कारण उन्हें 'लेडी सिंघम' जैसे उपनामों से भी नवाजा जाता है।

मूलतः पश्चिम बंगाल की रहने वाली मल्लिका बनर्जी का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है। छत्तीसगढ़ कैडर मिलने के बाद उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर शहरी अपराधों तक हर मोर्चे पर खुद को साबित किया है। सोशल मीडिया पर भी उनकी सफलता की कहानियां अक्सर वायरल होती रहती हैं। आज वे न केवल अपराधों पर लगाम लगा रही हैं, बल्कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी प्रभावी कार्य कर रही हैं। मल्लिका की कहानी बताती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो वर्दी की ताकत से समाज में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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