Breaking
- Chhattisgarh Governance News: ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता की डिजिटल पहल को ...
- Raipur Property Tax Action: 6 बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों पर निगम की कार...
- Cultural News: लोकरंग पर्व में बिखरे छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग, भरथरी और पंड...
- कबीर नगर में गूंजा तीजा-पोरा तिहार, मुख्यमंत्री साय ने सर्व समाज भवन के लिए 5...
- Timber Smuggling News: नदी के बहाव से ओडिशा भेज रहे थे सागौन के लट्ठे, संयुक्...
- Road Accident News: NH-130 पर ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत...
- फोन पर बेटी को परेशान करने से रोका तो भड़का युवक, टांगी से वार कर प्रेमिका की...
- Crime News: ट्रैक्टर चलाने के बहाने युवक को ले गए, तालाब किनारे लहूलुहान मिला...
- Farmer Success: मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी से युवा किसान ने बदली खेती ...
- Education News: ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षकों का सम्मान, राज्यपाल रमेन...
Security News: पुष्पपाल के जंगल में मिला नक्सली डंप, पिस्टल-वॉकी-टॉकी समेत विस्फोटक सामग्री बरामद

कोंडागांव, 6 सितंबर 2026। जिले के पुष्पपाल क्षेत्र के घने जंगलों में सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सली डंप मिलने की जानकारी सामने आई है। अभियान के दौरान जवानों ने पिस्टल, वॉकी-टॉकी, बारूद, वायर और अन्य सामग्री बरामद की है। बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा और सर्चिंग अभियान को और तेज किया गया है।

जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों की टीम रविवार को पुष्पपाल क्षेत्र के जंगलों में तलाशी अभियान चला रही थी। इसी दौरान जंगल में छिपाकर रखी गई सामग्री का पता चला। जवानों ने मौके पर पहुंचकर डंप को बरामद किया और उसमें मौजूद संदिग्ध सामग्री को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया।
Security Operation: जंगलों में छिपे सामान की तलाश जारी
सुरक्षा बलों की ओर से नक्सल गतिविधियों से जुड़े पुराने डंप और छिपाकर रखे गए हथियारों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बरामद सामग्री में हथियारों के साथ संचार उपकरण और विस्फोटक से संबंधित सामान भी शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, बरामद सामग्री की पूरी सूची और उसकी मात्रा की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। सुरक्षा बल इलाके में अन्य संभावित ठिकानों की तलाश भी कर रहे हैं।
कोंडागांव क्षेत्र में पहले भी सुरक्षा बलों को नक्सल ठिकानों से हथियार और संचार उपकरण बरामद होते रहे हैं। ऐसे अभियानों का उद्देश्य जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों और अन्य सामग्री को खोजकर संभावित खतरे को कम करना है।







