Breaking
- Chhattisgarh Weather Update: त्योहारी सीजन में मौसम का बड़ा उलटफेर, 27 अक्टूब...
- Railway Traffic Alteration: झारसुगुड़ा यार्ड में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण...
- Raipur Principal FIR: रायपुर के स्कूल में अनुशासन के नाम पर चौथी कक्षा के छात...
- Road Accident: छत्तीसगढ़ के केशकाल घाटी में पेड़ से टकराई बोलेरो, सेना के जवा...
- Chhattisgarh Hockey League 2026: युवराज वाल्मीकि की हैट्रिक से चक्रधर चैंपियं...
- Balodabazar Rural Development: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की विशेष पहल से बल...
- Bharatmala Project Jashpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर म...
- State School Sports Competition 2026: अंबिकापुर में 26वीं राज्यस्तरीय शालेय क...
- Chief Secretaries Conference Preparation: मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन क...
- President Murmu in Bastar Dussehra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की बस्तर दशह...
जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी करने वालों की अब खैर नहीं! 20 हजार गांवों का लैंड डाटा हुआ ऑनलाइन, गड़बड़ी होने पर सीधे मोबाइल पर आएगा अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया है। प्रदेश की राजस्व सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और पेपरलेस बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने राज्य के 20 हजार से अधिक गांवों की भूमि का पूरा डाटा ऑनलाइन कर दिया है। इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से अब भू-माफियाओं और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने वालों के मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फिर जाएगा।

इस नई और आधुनिक तकनीक के तहत अब जमीन मालिकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष मोबाइल अलर्ट सिस्टम भी तैयार किया गया है। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के पंजीकृत किसानों और भूमि स्वामियों को इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा। यदि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की भूमि के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करने, फर्जी रजिस्ट्री कराने या खसरा नंबर में बदलाव करने की कोशिश करेगा, तो असली जमीन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तुरंत एक सुरक्षा अलर्ट (एसएमएस) पहुंच जाएगा। इससे समय रहते धोखाधड़ी को पकड़ा और रोका जा सकेगा।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल सुधार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर काटने और बिचौलियों के चंगुल से बचाना है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही अपनी जमीन का पूरा ब्योरा ऑनलाइन देख और सत्यापित कर सकता है। सरकार के इस जनहितकारी कदम से न केवल रियल एस्टेट सेक्टर और जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि बरसों से चले आ रहे भूमि विवादों और अदालती मुकदमों की संख्या में भी भारी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।







