छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से वन्यजीव अपराध का एक बेहद क्रूर और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां शिकारियों के एक गिरोह ने एक तेंदुए को न केवल बेरहमी से मौत के घाट उतारा, बल्कि उसके मांस का सेवन भी किया। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले जंगल में तेंदुए को फंसाने के लिए फंदा (ट्रैप) लगाया था। जब तेंदुआ उसमें फंस गया, तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे जिंदा ही मार डाला। इस नृशंस घटना ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है।
मामला केवल हत्या तक ही सीमित नहीं रहा; शिकारियों ने तेंदुए के मांस को पकाकर खाया और उसके अंगों को तस्करी के लिए सुरक्षित रख लिया। आरोपी तेंदुए की खाल और नाखून को ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे। वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग वन्यजीव के अंगों की सौदेबाजी करने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने घेराबंदी की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से तेंदुए की खाल और शिकार में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वन विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या इनके तार किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े हैं। इस घटना के बाद संवेदनशील वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।







