RRT News- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में मौसम का बदला मिजाज एक परिवार के लिए मातम लेकर आया है। जिले में गरज-चमक के साथ हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की असामयिक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किसान अपने खेत में लगी फसल की रखवाली कर रहा था, तभी वह इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बिजली इतनी जोरदार थी कि किसान को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। इस घटना के बाद से पूरे ग्रामीण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
आसमानी बिजली का कहर केवल खेत तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि एक अन्य गांव में इसने रिहायशी मकान को भी अपना निशाना बनाया। बिजली गिरने के कारण एक खपरैल वाले घर में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े और अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक घर को भारी नुकसान पहुँच चुका था। गनीमत यह रही कि इस दौरान घर के सदस्य बाहर निकल आए थे, जिससे एक और बड़ा हादसा टल गया।
महासमुंद में शुक्रवार को अचानक आए इस मौसमी बदलाव ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कृषि विशेषज्ञों और प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पीड़ित किसान के परिजनों ने मुआवजे की मांग की है ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। वहीं, राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित गांव पहुँच रही है। घर में लगी आग की घटना ने एक बार फिर खपरैल और कच्चे मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जो अक्सर आकाशीय बिजली के प्रति संवेदनशील होते हैं।
मौसम विभाग ने जिले में आने वाले कुछ घंटों के लिए फिर से चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि खराब मौसम, तेज आंधी और बिजली कड़कने के दौरान लोग पेड़ों के नीचे या खेतों में न रुकें और सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें। किसान की मौत की खबर ने स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया है। फिलहाल, मृतक किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर सिखा गई है कि प्रकृति के रौद्र रूप के सामने इंसान बेबस है।







