राजधानी रायपुर में करोड़ों की जमीन से जुड़ा विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। सिम्पलेक्स कास्टिंग्स की एमडी संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब एमडी ने पुलिस प्रशासन पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए हैं। संगीता शाह ने एक सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए डीएसपी विशाल सोन पर ब्लैकमेलिंग का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि पुलिस अधिकारी उन्हें डरा-धमकाकर कंपनी की कीमती चल-अचल संपत्तियों को हड़पने की साजिश रच रहे हैं, जिससे औद्योगिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है।
संगीता शाह के मुताबिक, उन पर दर्ज की गई एफआईआर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएसपी विशाल सोन पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। एमडी का कहना है कि गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे अनुचित समझौतों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की जा रही है। इस सार्वजनिक नोटिस के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस 'साजिश' के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगी और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएंगी।
दूसरी ओर, करोड़ों की जमीन की धोखाधड़ी के इस मामले में पुलिस का पक्ष भी मजबूत नजर आ रहा है, जिसके चलते शाह दंपति पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। पुलिस जांच के अनुसार, दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन के सौदे में बड़ी अनियमितता की गई है। हालांकि, डीएसपी स्तर के अधिकारी पर ब्लैकमेलिंग के आरोपों ने इस केस को और भी पेचीदा बना दिया है। अब यह मामला केवल आर्थिक अपराध तक सीमित न रहकर विभाग की छवि और भ्रष्टाचार के आरोपों के इर्द-गिर्द सिमट गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने रायपुर के बिजनेस जगत में तनाव पैदा कर दिया है। एक प्रतिष्ठित कंपनी की एमडी द्वारा पुलिस अधिकारी पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। अब सबकी नजरें पुलिस मुख्यालय की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इन आरोपों की विभागीय जांच कराई जाएगी। फिलहाल, संगीता शाह द्वारा जारी की गई आम सूचना ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है और शहर में इसकी चर्चा जोरों पर है।







