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मां दंतेश्वरी के दरबार में खुलीं दान पेटियां: नोटों के साथ निकले 'ख्वाहिशों के खत', किसी ने मांगी सरकारी नौकरी तो किसी ने प्यार पाने की लगाई गुहार...

Chhattisgarh RRT News Desk 02 February 2026

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Raipur: शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी के दरबार में जब महीनों बाद दान पेटियां खोली गईं, तो वहां केवल चढ़ावे की राशि ही नहीं बल्कि भक्तों के विश्वास की अनगिनत कहानियां भी बाहर आईं। दंतेवाड़ा स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर की दान पेटियों की गिनती के दौरान मंदिर समिति के सदस्य उस वक्त हैरान रह गए, जब नोटों के ढेर के बीच से बड़ी संख्या में चिट्ठियां और अर्जियां निकलीं। इन खतों में श्रद्धालुओं ने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उलझनों और इच्छाओं को मां के चरणों में समर्पित किया है। यह नजारा दंतेश्वरी माई के प्रति लोगों की उस अगाध श्रद्धा को दर्शाता है, जहाँ भक्त अपनी हर बात सीधे 'मैया' से साझा करते हैं।

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दान पेटी से निकली इन अर्जियों में इंसानी जीवन के हर रंग देखने को मिले। किसी बेरोजगार युवक ने भावुक होकर पत्र लिखा कि 'मां, इस बार सरकारी नौकरी दिला दो, बहुत मेहनत की है', तो किसी ने अपने परिवार की लंबी उम्र और बीमारी से मुक्ति की प्रार्थना की है। सबसे ज्यादा चर्चा उन प्रेमियों के खतों की हो रही है, जिन्होंने अपने 'प्यार' को पाने के लिए मां से गुहार लगाई है। कुछ पत्रों में तो बकायदा शादी में आ रही अड़चनों को दूर करने की मन्नत मांगी गई है। इन चिट्ठियों को पढ़कर वहां मौजूद कर्मचारी भी भावुक हो गए, क्योंकि हर कागज के टुकड़े में एक उम्मीद छिपी थी।

प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में हुई इस गिनती में लाखों रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। नोटों के अलावा सोने-चांदी के छोटे आभूषण भी दान पेटी से निकले हैं। मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि यह परंपरा काफी पुरानी है; लोग अपनी मुरादें पूरी होने पर या मन्नत मांगने के लिए गुप्त रूप से इन दान पेटियों में अपनी अर्जी डाल देते हैं। इन पत्रों को पूरी गोपनीयता के साथ एकत्रित किया जाता है। भक्तों का मानना है कि जो बात वे किसी से नहीं कह पाते, उसे मां दंतेश्वरी जरूर सुनती हैं और उनकी हर जायज मनोकामना पूरी करती हैं।

बस्तर की संस्कृति में मां दंतेश्वरी का स्थान सर्वोपरि है। यहाँ केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि देशभर से श्रद्धालु अपनी मुरादें लेकर पहुँचते हैं। दान पेटी से निकले ये 'इच्छा पत्र' इस बात का प्रमाण हैं कि आधुनिकता के दौर में भी लोगों का ईश्वर और दैवीय शक्ति पर भरोसा अडिग है। मंदिर परिसर में भारी सुरक्षा के बीच गिनती की प्रक्रिया पूरी की गई और प्राप्त राशि को बैंक में जमा कराया गया है। फिलहाल, इन अनोखी अर्जियों की चर्चा पूरे सोशल मीडिया और बस्तर संभाग में जोरों पर है, जो आस्था के एक अलग ही स्वरूप को बयां कर रही हैं।

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