खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले की खैरागढ़ नगर पालिका के नगर पालिका प्रशासन में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं। महज 90 दिनों के भीतर रिकॉर्ड तोड़ 2,744 विवाह प्रमाणपत्र (Marriage Certificates) जारी किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल उस समय खेला गया जब संबंधित अधिकारी और विभाग जांच के घेरे में थे और निलंबन की प्रक्रिया चल रही थी। इस 'शादी उद्योग' के खुलासे ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां महीने भर में कुछ ही प्रमाणपत्र जारी होते थे, वहीं अचानक आई इस 'बाढ़' ने विभाग के भीतर चल रहे किसी बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा किया है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर, बिना उचित सत्यापन और दस्तावेजों की जांच किए धड़ल्ले से सर्टिफिकेट बांटे गए। इस दौरान न तो आवेदकों की सही से जांच की गई और न ही कानून की परवाह की गई, बस आनन-फानन में फाइलों को आगे बढ़ाया गया।
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस पूरी प्रक्रिया को निलंबन (Suspension) के दौर में अंजाम दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी तरीके से सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल कर पिछले दरवाजों से इन प्रमाणपत्रों को बैकडेट में या अवैध लॉगिन के जरिए जारी किया गया है। स्थानीय लोगों और आरटीआई कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद जब जांच शुरू हुई, तब जाकर इस महाघोटाले की परतें खुलनी शुरू हुईं। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे भारी भरकम लेन-देन का खेल है।
फिलहाल, इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कहीं अवैध नागरिकता, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने या किसी बड़ी धोखाधड़ी के लिए तो नहीं किया जाना था। दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है और जारी किए गए सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।








