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पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार: पंपों पर उमड़ी भारी भीड़, बाइक को ₹400 और कार को सिर्फ ₹1000 का मिल रहा तेल

Chhattisgarh RRT News Desk 14 May 2026

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह से ही पेट्रोल और डीजल के लिए त्राहि-त्राहि मच गई है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और आपूर्ति में बाधा की खबरों के बीच शहर के लगभग सभी प्रमुख पेट्रोल पंपों पर वाहनों का हुजूम उमड़ पड़ा है। लोग सुबह होते ही अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए घर से निकल पड़े, जिसके कारण रायपुर की सड़कों पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) के चलते स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।

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राजधानी के शास्त्री चौक, संतोषी नगर, मेकाहारा और कटोरा तालाब जैसे वीआईपी इलाकों के लगभग 15 से अधिक पेट्रोल पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए हैं। जिन चुनिंदा पंपों पर तेल उपलब्ध है, वहां कई घंटों की लंबी प्रतीक्षा के बाद ही लोगों का नंबर आ रहा है। टिकरापारा, भाठागांव और रिंग रोड स्थित पंपों पर वाहनों की कतारें एक-एक किलोमीटर तक लंबी देखी जा रही हैं, जिससे आम जनजीवन और दफ्तर जाने वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

ईंधन के सीमित स्टॉक को देखते हुए पेट्रोल पंप संचालकों ने तेल वितरण पर सख्त राशनिंग लागू कर दी है। वर्तमान में दोपहिया वाहनों (बाइक/स्कूटर) के लिए अधिकतम 400 रुपये और चार पहिया वाहनों (कार) के लिए अधिकतम 1000 रुपये का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इस सीमा के कारण जनता में भारी रोष है, लेकिन संचालकों का तर्क है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि स्टॉक खत्म न हो और अधिक से अधिक लोगों को थोड़ा-थोड़ा ईंधन मिल सके।

प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जमीनी स्तर पर किल्लत साफ दिखाई दे रही है। शहर के बाहरी इलाकों के पंप भी अब धीरे-धीरे खाली होने लगे हैं। वहीं, कुछ लोग बोतलों और डिब्बों में तेल भरवाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप होने का डर बना हुआ है। रायपुरवासी अब सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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