बेमेतरा- तंत्र-मंत्र के जाल में फंसाकर लाखों की चपत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पुलिस ने अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी करने वाले एक शातिर 'ढोंगी बाबा' को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मूलतः बिहार का रहने वाला यह आरोपी लोगों को अपनी बातों और तंत्र-मंत्र के मायाजाल में फंसाता था। आरोपी ने बेमेतरा के भोले-भले ग्रामीणों को झांसा दिया कि वह अपनी तांत्रिक शक्तियों से उनके पैसों को दोगुना कर सकता है और घर की परेशानियां दूर कर सकता है। इस झांसे में आकर कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे।
कर्ज के बोझ ने बनाया अपराधी पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने बताया कि उस पर भारी मात्रा में लोन (कर्ज) था, जिसे चुकाने का उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। कर्जदारों के दबाव से बचने और जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में उसने तांत्रिक होने का स्वांग रचा। उसने बिहार से आकर बेमेतरा को अपना ठिकाना बनाया ताकि पहचान छुपाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे सके। वह अक्सर ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो मानसिक या आर्थिक रूप से परेशान होते थे।
बेमेतरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित की शिकायत पर बेमेतरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी की गई राशि और तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद की हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने बेमेतरा के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में लोगों को अपना शिकार बनाया है।
अंधविश्वास से बचने की अपील इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या 'पैसा दोगुना करने' जैसे प्रलोभनों में न आएं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि समाज में बैठे ऐसे ढोंगी बाबा लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें लूटने का काम करते हैं। बेमेतरा पुलिस की इस कार्रवाई की जिले में सराहना हो रही है, जिससे ठगों और असामाजिक तत्वों के बीच एक कड़ा संदेश गया है।








