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'मौत का ओवरब्रिज'! धूल के गुबार और बिखरे मलबे के बीच सफर करने को मजबूर राहगीर, मानसून से पहले बड़ा खतरा

Chhattisgarh RRT News Desk 26 May 2026

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अभनपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'भारतमाला प्रोजेक्ट' के तहत अभनपुर क्षेत्र में चल रहा निर्माण कार्य अब आम जनता और वाहन चालकों के लिए आफत का सबब बनता जा रहा है। यहां निर्माणाधीन ओवरब्रिज के काम में जुटी निर्माण एजेंसी Shelke (शेलके) कंपनी की एक बड़ी और गंभीर लापरवाही सामने आई है। कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर किए जा रहे काम की वजह से मुख्य मार्ग पर हर वक्त हादसे का अंदेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी की यह घोर लापरवाही कभी भी किसी बड़ी और जानलेवा दुर्घटना को न्योता दे सकती है।

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धरातल की स्थिति यह है कि ओवरब्रिज निर्माण स्थल के आसपास भारी मात्रा में डस्ट (धूल-मिट्टी) और कंक्रीट का मलबा खुले में ही सड़क किनारे छोड़ दिया गया है। हवा चलने पर यह डस्ट उड़कर वाहन चालकों की आंखों में पड़ती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है। इसके अलावा सड़क पर बिखरे पड़े मलबे के कारण गाड़ियां लगातार फिसल रही हैं। सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले जरूरी संकेतक (साइन बोर्ड) और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी यहां नदारद है, जिससे रात के अंधेरे में सफर करना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है।

मानसून से पहले बढ़ा खतरा: आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। बारिश के पानी में यह डस्ट और मलबा मिलकर सड़क पर खतरनाक कीचड़ का रूप ले लेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना अधिक हो जाएगी।

इस अव्यवस्था को लेकर क्षेत्र के नागरिकों और राहगीरों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को इस बात की सुध लेनी चाहिए और निर्माण कंपनी को सख्त हिदायत देकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करवाने चाहिए, इससे पहले कि कोई मासूम इस लापरवाही की भेंट चढ़ जाए। Shelke कंपनी के इस ढुलमुल रवैए, स्थानीय प्रशासन के रुख और इस रूट की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी हर ग्राउंड रिपोर्ट और लाइव अपडेट जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर विजिट करें।

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