Breaking
- Bharatmala Project Jashpur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर म...
- State School Sports Competition 2026: अंबिकापुर में 26वीं राज्यस्तरीय शालेय क...
- Chief Secretaries Conference Preparation: मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन क...
- President Murmu in Bastar Dussehra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की बस्तर दशह...
- Muria Darbar: आदिवासी समाज की परंपरागत व्यवस्था सामाजिक एकता, न्याय और सुशासन...
- Chhattisgarh Hockey League: उद्घाटन मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स ने राजधानी र...
- जशपुर से रायपुर का सफर अब होगा बेहद आसान, भारतमाला प्रोजेक्ट से 14 घंटे की दू...
- Raoghat to Raipur Passenger Train: रावघाट-रायपुर पैसेंजर ट्रेन को मिल रहा अच्...
- Raipur Crime News: रायपुर के अमलीडीह इलाके में धर्मांतरण के दबाव का मामला, छो...
- Bastar Malaria Control Fund: बस्तर में मलेरिया से बचाव के लिए मिले 68 करोड़, ...
Property Tax Online 2026: प्रॉपर्टी टैक्स का पोर्टल दोबारा शुरू, 30 जून तक टैक्स भरने पर मिलेगी 6.25% की छूट

RRT News- नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले करदाताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। पिछले 25 दिनों से ठप पड़ी ऑनलाइन टैक्स जमा करने की व्यवस्था 27 मई से एक बार फिर से बहाल कर दी गई है। जीआईएस (GIS) आधारित ऑनलाइन सिस्टम को अपडेट किए जाने के कारण पिछले करीब तीन हफ्तों से न तो पुराना बकाया टैक्स जमा हो पा रहा था और न ही नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का भुगतान हो रहा था। अब निगम प्रशासन द्वारा तकनीकी सुधार पूरे किए जाने के बाद इस पोर्टल को दोबारा लाइव कर दिया गया है।

इस बार टैक्स डिफ़ॉल्टर्स और नियमित करदाताओं को आकर्षित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्ति कर (Property Tax) समय पर जमा करने वाले नागरिकों को टैक्स राशि पर 6.25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि इस राहत और रियायत का लाभ उठाने के लिए करदाताओं के पास 30 जून 2026 तक का समय रहेगा। इसके बाद टैक्स जमा करने पर किसी भी तरह की छूट का लाभ नहीं मिल सकेगा।
पोर्टल के दोबारा शुरू होने से अब लोगों को नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से ही लोग अपने बकाए और वर्तमान वर्ष के टैक्स का सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे। निगम अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम अपडेट होने के बाद अब टैक्स कैलकुलेशन और रसीद जनरेशन की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गई है, जिससे आम जनता को काफी सहूलियत होगी।







