RRT News - रायपुर की लाइफलाइन कही जाने वाली रिंग रोड के सर्विस लेन चौड़ीकरण का काम एक बार फिर अधर में लटक गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSEB) ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से करीब 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की है। बिजली कंपनी का कहना है कि बिजली के खंभों और लाइनों को शिफ्ट करने की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसे चुकाए बिना काम आगे बढ़ाना संभव नहीं है। इस वित्तीय खींचतान की वजह से चौड़ीकरण की महत्वपूर्ण परियोजना बीच में ही रुक गई है।
रायपुर के रिंग रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए सर्विस लेन को चौड़ा करना बेहद जरूरी है, लेकिन अब फंड की कमी इस राह में सबसे बड़ा रोड़ा बन गई है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए जो बजट आवंटित किया गया था, वह अब वर्तमान दरों और तकनीकी बदलावों के कारण कम पड़ रहा है। CSEB ने स्पष्ट किया है कि जब तक NHAI 50 करोड़ की राशि का भुगतान नहीं करता, तब तक बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को हटाना या नया काम शुरू करना तकनीकी रूप से मुश्किल है।
इस विवाद के चलते रायपुर के टाटीबंध से पचपेड़ी नाका के बीच सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्विस लेन का काम अधूरा होने के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि दो बड़े विभागों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। धूल और अधूरे निर्माण की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो इस गतिरोध को खत्म करने के लिए रायपुर जिला प्रशासन और मंत्रालय स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। NHAI फिलहाल इस अतिरिक्त लागत का ऑडिट करवा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 50 करोड़ की मांग कितनी जायज है। यदि इस मामले का जल्द समाधान नहीं निकला, तो रिंग रोड पर चलने वाले यात्रियों को मानसून के दौरान और भी भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।








