दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बार फिर भारतीय रेलवे में अपनी बादशाहत साबित की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के महज 355 दिनों के भीतर SECR ने 29,493.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। यह उपलब्धि न केवल SECR के कुशल प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि माल ढुलाई (Freight) के क्षेत्र में इसके निरंतर दबदबे को भी रेखांकित करती है। बिलासपुर मुख्यालय वाले इस ज़ोन ने पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए अपनी नंबर-1 की स्थिति बरकरार रखी है।
SECR की इस भारी-भरकम कमाई का मुख्य स्रोत माल लदान (Freight Loading) रहा है। कोयला, लौह अयस्क और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के परिवहन में इस ज़ोन ने देश के अन्य रेलवे जोनों की तुलना में असाधारण प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी कुछ दिन शेष हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम आंकड़ा 30 हजार करोड़ के पार जा सकता है। बुनियादी ढांचे में सुधार और ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह रिकॉर्ड तोड़ कमाई बेहतर रणनीतिक योजना और कर्मचारियों के कड़े परिश्रम का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में SECR की यह भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहाँ से होने वाली माल ढुलाई सीधे तौर पर देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक उत्पादन से जुड़ी है। वैगन टर्नअराउंड टाइम में कमी और लोडिंग पॉइंट्स पर आधुनिक तकनीकों के उपयोग से परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ SECR ने भारतीय रेल के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का नाम गर्व से ऊंचा किया है। यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार के साथ-साथ राजस्व सृजन में भी यह ज़ोन नए मानक स्थापित कर रहा है। आने वाले समय में नई रेल लाइनों के विस्तार और तीसरी व चौथी लाइन के प्रोजेक्ट्स पूरे होने के बाद, SECR की क्षमता और कमाई में और भी अधिक वृद्धि होने की प्रबल संभावना है।








