अगले महीने शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भूचाल आ गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के बीच विवाद अब 'डेडलाइन' तक पहुँच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईसीसी ने बांग्लादेश को साफ़ कर दिया है कि यदि वे भारत में अपने मैच खेलने के लिए तैयार नहीं होते हैं, तो उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा। इस कड़े रुख के बीच क्रिकेट जगत में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि क्या वर्ल्ड कप 19 टीमों के साथ होगा या किसी अन्य टीम को जगह मिलेगी।
सुरक्षा का हवाला और वेन्यू बदलने की मांग
विवाद की मुख्य जड़ बांग्लादेश का भारत में खेलने से इनकार करना है। बीसीबी ने आधिकारिक तौर पर आईसीसी को पत्र लिखकर सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है और अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की है। हालांकि, आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि शेड्यूल काफी पहले तय हो चुका है और सुरक्षा का कोई वास्तविक खतरा नहीं है। बांग्लादेश का कहना है कि वे वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना चाहते हैं, लेकिन 'हाइब्रिड मॉडल' के तहत भारत से बाहर खेलना उनकी प्राथमिकता है।
मुस्तफिजुर रहमान और आईपीएल से शुरू हुई आग
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीसीसीआई के निर्देश पर आईपीएल 2026 से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम से बाहर कर दिया गया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने देश में आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा दी और अब वर्ल्ड कप के लिए भारत आने पर भी अड़ियल रुख अपना लिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव का खेल के मैदान पर असर मान रहे हैं।
21 जनवरी की डेडलाइन और बीसीबी का इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आईसीसी ने बीसीबी को 21 जनवरी तक अंतिम फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया है। यदि बांग्लादेश इस तारीख तक अपनी सहमति नहीं देता, तो उसकी जगह रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, बीसीबी के मीडिया कमेटी के चेयरमैन अमजद हुसैन ने ऐसी किसी भी औपचारिक डेडलाइन से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि चर्चा जारी है, लेकिन किसी निश्चित तारीख की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।
क्या होगा टूर्नामेंट का भविष्य?
7 फरवरी से शुरू होने वाले इस महाकुंभ के लिए समय बहुत कम बचा है। आईसीसी का रुख सख्त है क्योंकि वह टूर्नामेंट के आयोजन में किसी भी तरह की देरी या शेड्यूल में बदलाव नहीं चाहता। यदि बांग्लादेश पीछे हटता है, तो यह न केवल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि आईसीसी के लिए भी एक बड़ा लॉजिस्टिक संकट पैदा कर देगा। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि बांग्लादेशी टीम कोलकाता और मुंबई के मैदानों पर नजर आएगी या विश्व कप से उसका पत्ता साफ हो जाएगा।








