Breaking
- Utkrisht Krishak Ratn Samman: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- 'किसानों की सम...
- Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का हुआ समापन,...
- मोबाइल देखने को लेकर उपजे विवाद में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटक...
- Gadchiroli Maoist Plot Foiled: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों की बड़ी...
- Bijapur Tassar Silk Farming: बीजापुर के 13 तसर पालकों को मिली स्वस्थ डिम्ब सम...
- Chhattisgarh Heritage: छत्तीसगढ़ की 14 रियासतों का गौरवशाली इतिहास अब एक छत क...
- Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया 'छत्तीसगढ़ हर्बल्...
- Housing Board Workshop: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की कार...
- CG Health News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 520 नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों...
- CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों ...
Police Team Attacked: सक्ती में खाकी पर हमला! दबिश देने गई पुलिस टीम को ग्रामीणों ने घेरा, 5 उपद्रवी गिरफ्तार, बाकी की तलाश तेज

सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के फोगरम गांव में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ जुए और अवैध गतिविधियों की सूचना पर दबिश देने पहुँची पुलिस पार्टी पर ग्रामीणों और असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। भीड़ ने न केवल पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई भी की। इस अचानक हुए हमले में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार हमलावरों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फोगरम गांव में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां चल रही हैं। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और कार्रवाई शुरू की, तो वहां मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव व लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा, जिसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ा गया। सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
इस मामले में सक्ती पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अब तक 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हमले में शामिल अन्य लोगों के नाम सामने आ सकें। पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि खाकी पर हाथ उठाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
सक्ती जिले की इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने भीड़ का सहारा लिया। फिलहाल, पुलिस गांव के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के जरिए अन्य दंगाइयों की पहचान करने में जुटी है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और अपराधियों को पनाह देने के बजाय पुलिस का सहयोग करें।







