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ट्रेड यूनियनों का हल्लाबोल: गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई के लिए अंबेडकर चौक पर जोरदार प्रदर्शन

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का अंबेडकर चौक बुधवार को मजदूर नारों से गूंज उठा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने संयुक्त बैनर तले केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों और कर्मचारियों ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों पर हो रहे कथित शोषण और दमनकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियनों का आरोप है कि सरकार की नीतियां पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली और श्रमिकों के अधिकारों का हनन करने वाली हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में असंतोष बढ़ रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में गिरफ्तार किए गए मजदूरों की रिहाई की मांग रही। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले श्रमिकों को जेल में डालना उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता और उन पर दर्ज "फर्जी" मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक यह आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने न्यूनतम वेतन, कार्यस्थल पर सुरक्षा और श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरों का शोषण चरम पर है और शासन-प्रशासन उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रहा है। रायपुर में हुए इस प्रदर्शन में सीटू (CITU), एटक (AITUC) और इंटक (INTUC) सहित कई कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे शहर के मुख्य मार्ग पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।







