Breaking

रेत माफिया के खिलाफ 'जनता का सर्जिकल स्ट्राइक': जब विभाग हुआ फेल तो ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा, रास्ते में खोदी गहरी खाई

Chhattisgarh RRT News Desk 01 February 2026

post

बिलासपुर : प्रशासन और खनिज विभाग की निष्क्रियता से तंग आकर अब जनता ने खुद कानून व्यवस्था सुधारने का बीड़ा उठा लिया है। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन से परेशान ग्रामीणों ने रेत माफियाओं के रास्ते बंद करने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। रेत चोरी के प्रमुख रास्तों पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और फावड़ों की मदद से कई फीट गहरी खाई खोद दी है, ताकि रेत से लदे भारी वाहन वहां से गुजर न सकें। यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो सरकारी तंत्र की विफलता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

Advertisement

क्षेत्र के सरपंच का कहना है कि रेत माफिया रात के अंधेरे में बेखौफ होकर नदियों का सीना चीर रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग और स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। माफियाओं के भारी वाहनों के कारण गांव की सड़कें खराब हो रही थीं और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन चरम पर था। सरपंच ने दो टूक शब्दों में कहा, "हम चोरी और गुंडागर्दी से पूरी तरह परेशान हो चुके हैं। जब सिस्टम हमारी रक्षा नहीं कर सका, तो हमें अपनी जमीन और पर्यावरण बचाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।"

ग्रामीणों के इस आक्रोश के पीछे एक बड़ी वजह माफियाओं का बढ़ता दुस्साहस भी है। रात भर चलने वाले डंपरों के शोर और धूल से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया था। खाई खोदने के बाद अब रेत माफियाओं के वाहन नदी के तट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अब भी सुध नहीं ली और अवैध उत्खनन नहीं रुकवाया, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। ग्रामीण अब बारी-बारी से इन रास्तों पर पहरा भी दे रहे हैं ताकि माफिया फिर से रास्ता बनाने की कोशिश न करें।

इस घटना ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सरकारी अमले की मौजूदगी के बावजूद माफियाओं का सक्रिय होना 'सांठगांठ' की ओर इशारा करता है। फिलहाल, ग्रामीणों के इस साहसी कदम की चर्चा पूरे इलाके में है। देखना होगा कि जनता के इस विद्रोह के बाद प्रशासन नींद से जागता है या माफिया एक बार फिर नया रास्ता खोजने में कामयाब हो जाते हैं। यह मामला सीधे तौर पर जल, जंगल और जमीन को बचाने की जन-लड़ाई का रूप ले चुका है।

You might also like!