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870 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिए संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

Chhattisgarh 14 February 2026

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रायपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के तत्वावधान में माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में, पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रशिक्षणरत 537 उप निरीक्षक संवर्ग तथा पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय माना में प्रशिक्षणरत 54 सूबेदार, 211 प्लाटून कमांडर एवं 68 उप निरीक्षक (एसबी) के लिए एक अभिनव संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विदित हो कि इन प्रशिक्षुओं के बुनियादी प्रशिक्षण का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री जी के करकमलों द्वारा दिनांक 03 मार्च 2025 को हुआ था, जिनका बुनियादी प्रशिक्षण पूर्णता की ओर है तथा वर्तमान में अंतिम परीक्षा संचालित की जा रही है। तत्पश्चात् इन्हें 01 वर्ष के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की रूपरेखा माननीय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विजय शर्मा तथा पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इस पहल के अंतर्गत प्रदेश के सभी माननीय मंत्रीगण प्रशिक्षणरत अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से प्रशासनिक दृष्टिकोण, नीतिगत समझ एवं जनसेवा के मूल्यों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। आज दिनांक 14 फरवरी 2026 को इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत माननीय स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री श्याम विहारी जायसवाल द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने भारत में पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक विकास, वर्तमान चुनौतियों तथा आधुनिक पुलिसिंग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता एवं तकनीकी दक्षता के साथ सेवा करने की प्रेरणा दी। माननीय मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी अखंड भारत के सुरक्षा प्रहरी है तथा उन्हें विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब समाज सुरक्षित, नागरिक स्वस्थ एवं प्रशासन संवेदनशील हो। उन्होंने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय पर विशेष बल देते हुए कहा कि आपदा, दुर्घटना, महामारी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में दोनों विभागों का संयुक्त प्रयास ही नागरिकों के जीवन की रक्षा करता है। कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन कालखंड में पुलिस एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा की गई सेवा राष्ट्रसेवा का आदर्श उदाहरण है। माननीय मंत्री ने प्रशिक्षुओं से अपने शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने का आह्वान करते हुए कहा कि एक स्वस्थ पुलिसकमएँ ही समाज की प्रभावी सुरक्षा कर सकता है। कार्यक्रम में माननीय शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री गजेन्द्र यादव द्वारा भी प्रशिक्षुओं को संबोधित किया गया। उन्होंने पुलिस सेवा में सतत अध्ययन, विविक जागरूकता, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी को ज्ञान और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इस अवसर पर श्री अजय यादव, निदेशक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला, पुलिस अधीक्षक श्री राजकुमार मिंज, उप पुलिस अधीक्षक श्री इरफान काजी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। निदेशक श्री अजय यादव ने अपने स्वागत उद्द्योधन में कहा कि यह संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्र प्रक्रिया को अधिक व्यवहारिक, प्रेरणादायक एवं जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चताया कि इस श्रृंखला के माध्यम से प्रशिक्षुओं को शासन की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक समन्द जन-अपेक्षाओं की गहन समझ प्राप्त होगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भाव, संवेदनशीलता एवं सुशासन के को सुदृढ़ करना है, जिससे वे भविष्य में प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं जनविश्वासयुक्त बना सकें।

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