RRT News - छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एक सनसनीखेज अंतरराज्यीय ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ 'लव लाइफ' नामक मैरिज ब्यूरो की आड़ में सैकड़ों अविवाहित युवकों को लूट का शिकार बनाया गया। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के लगभग 700 से अधिक युवकों को शादी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। ठगी का यह जाल इतना व्यवस्थित था कि युवक आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे और अपनी जमा-पूंजी इन जालसाजों के हवाले कर देते थे।
राजस्थान से संचालित हो रहा था ठगी का नेटवर्क
राजनांदगांव पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय टीम ने जब इस मामले की गहराई से जांच की, तो इसके तार राजस्थान से जुड़े मिले। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में फर्जी मैरिज ब्यूरो के विज्ञापन देते थे और सोशल मीडिया के जरिए युवकों से संपर्क करते थे। आरोपी सुंदर लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल दिखाकर युवकों को फंसाते थे। एक बार युवक झांसे में आ जाता, तो उससे रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और लड़की के परिजनों से मुलाकात कराने के नाम पर किश्तों में मोटी रकम वसूली जाती थी।
2200 से अधिक फर्जी प्रोफाइल और भारी सामग्री जब्त
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के कब्जे से 2286 फर्जी प्रोफाइल बरामद किए हैं। इन प्रोफाइल में देश के विभिन्न हिस्सों की युवतियों की तस्वीरें और फर्जी बायोडाटा मौजूद थे। इसके अलावा पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, दर्जनों एक्टिवेटेड सिम कार्ड, लैपटॉप, बैंक पासबुक और कई रजिस्टर जब्त किए हैं जिनमें पीड़ितों के नाम और उनसे वसूली गई रकम का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे पिछले कई महीनों से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस की अपील: ऑनलाइन विज्ञापनों से रहें सतर्क
इस बड़ी कामयाबी के बाद राजनांदगांव एसपी ने आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन या अखबारों में छपने वाले लुभावने मैरिज ब्यूरो के विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी संस्था को पैसे देने से पहले उसके कार्यालय का भौतिक सत्यापन जरूर करें। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि ठगी गई राशि को वापस पाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है।








