छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला न्यायालय परिसर के पास स्थित सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन का बुलडोजर गरजा। बरसों से जमे अतिक्रमणकारियों के निर्माणों को ध्वस्त कर करोड़ों की सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया है।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
अतिक्रमण हटाने की इस मुहिम के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी तैनात रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। कार्रवाई के दौरान कुछ कब्जाधारियों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक न चली।
न्यायालय की जमीन को बनाया गया था निशाना
जानकारी के मुताबिक, जिस जमीन पर बुलडोजर चला है, वह न्यायालय के विस्तार और अन्य न्यायिक कार्यों के लिए आरक्षित थी। लंबे समय से कुछ स्थानीय लोगों और रसूखदारों ने इस कीमती जमीन पर पक्के और कच्चे निर्माण कर लिए थे। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जब कब्जा नहीं हटाया गया, तब प्रशासन ने बलपूर्वक इसे खाली कराने का निर्णय लिया।
शहर के अन्य हिस्सों में भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगी। अंबिकापुर शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों और सरकारी भूमियों पर भी चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही है। जिला प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में अभियान में और तेजी लाई जाएगी।
आम जनता और कानून व्यवस्था का समर्थन
इस कार्रवाई का शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि न्यायालय जैसी संस्थाओं की जमीन पर कब्जा होना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती थी। इस बुलडोजर एक्शन से न केवल सरकारी जमीन वापस मिली है, बल्कि अवैध कब्जा करने वालों में भी डर पैदा हुआ है। प्रशासन अब इस मुक्त कराई गई जमीन की घेराबंदी करने की तैयारी कर रहा है।








