RRT News- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। कोयलीबेड़ा क्षेत्र में पिछले 6 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे 18 पंचायतों के 68 गांवों के ग्रामीणों ने आंदोलन के 7वें दिन बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन द्वारा मांगें पूरी नहीं किए जाने से आक्रोशित हजारों ग्रामीणों ने अंतागढ़ में मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया है। ग्रामीणों के इस अचानक किए गए चक्काजाम के फैसले से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
इस चक्काजाम का सीधा असर क्षेत्र के परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। भानुप्रतापपुर से नारायणपुर मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से थम गया है। सड़क के दोनों ओर ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारी ग्रामीण अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, जिनमें क्षेत्र के विकास, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी मांगें शामिल हैं।
धरने पर बैठे और चक्काजाम कर रहे आंदोलनरत ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के सांसद और विधायक उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को समझाने के लिए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी पहुंच रहे हैं, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।







