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फूटा 'पीलिया' का बम! सेक्टर-7 में नलों से उगल रहा गंदा पानी, 35 से ज्यादा मासूमों की बिगड़ी तबीयत; दहशत में लोग

CG News - भिलाई स्टील सिटी के सेक्टर-7 इलाके में इन दिनों स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र में पीलिया (Jaundice) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत है। जानकारी के अनुसार, पिछले 48 घंटों के भीतर ही इलाके के 35 से ज्यादा बच्चे पीलिया और पेट दर्द की चपेट में आ चुके हैं। बीमार बच्चों को स्थानीय अस्पतालों और सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।

नलों में आ रहा 'जहर' जैसा पानी
इस बीमारी के फैलने का मुख्य कारण नगर निगम द्वारा की जा रही पेयजल आपूर्ति को माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो दिनों से नलों में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पेयजल की पाइपलाइन कहीं से डैमेज हो गई है, जिसमें सीवरेज का पानी मिक्स हो रहा है। इसी दूषित पानी के सेवन से घरों में बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। शिकायतों के बावजूद निगम प्रशासन की सुस्ती ने हालात को और बदतर बना दिया है।
निगम प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
सेक्टर-7 के नागरिकों ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों का कहना है कि जब गंदे पानी की शिकायत की गई, तो उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब जब बच्चों की जान पर बन आई है, तब जाकर विभाग की नींद खुली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज प्रभावित इलाकों से पानी के सैंपल लिए हैं और डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया है। हालांकि, डैमेज पाइपलाइन को ढूंढने और उसे ठीक करने का काम अभी भी धीमी गति से चल रहा है।
बढ़ सकता है मरीजों का आंकड़ा
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है और टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई करने का आश्वासन दिया है। लेकिन सेक्टर-7 की यह घटना भिलाई नगर निगम की मेंटेनेंस व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।







