रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गधाभाटा निवासी किसान तिहारूराम चंद्रा को योजना के तहत 4 लाख रुपये का अनुदान मिला, जिससे उनका खुद का ट्रैक्टर खरीदने का सपना पूरा हो गया। अब वे आधुनिक तकनीक के साथ समय पर खेती कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने तिहारूराम को नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। ट्रैक्टर की कुल कीमत 9.40 लाख रुपये थी, जिसमें राज्य शासन की ओर से 4 लाख रुपये का अनुदान दिया गया।
तिहारूराम ने बताया कि सीमित संसाधनों के कारण पहले उन्हें खेती के लिए किराये पर ट्रैक्टर लेना पड़ता था, जिससे लागत बढ़ती थी और समय पर कृषि कार्य पूरा करना मुश्किल हो जाता था। अब अपना ट्रैक्टर मिलने से खेती आसान होने के साथ-साथ उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की उम्मीद है।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में कृषि विभाग ने 'वन स्टॉप सेंटर' की व्यवस्था कर किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया। विभाग को कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 572 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।
शिविर में किसानों को नीम आधारित कीटनाशक, हरित खाद, प्रमाणित बीज और कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, एग्री स्टैक पंजीयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा अन्य कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कृषि विभाग का मानना है कि कृषि यंत्रीकरण योजना किसानों को आधुनिक खेती अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।





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