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'मोर गांव-मोर पानी' अभियान को मिली रफ्तार, एमसीबी में 52 एकड़ में बनेगा जल संरक्षण मॉडल

Chhattisgarh RRT News Desk 12 July 2026

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में अभियान तेज हो गया है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM-G के तहत प्रदेशभर में रोजगार सृजन, जल संरक्षण और हरित विकास के कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के ग्राम बरदर में 'मोर गांव-मोर पानी' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने वृक्षारोपण कर अभियान की शुरुआत की और स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है और इसे जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए।

ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसमें 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच और अन्य जल संरक्षण संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जबकि 22 एकड़ भूमि पर करीब 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण शुरू किया गया है।

अभियान के तहत किए गए कार्यों से क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल, कृषि उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का उद्देश्य VB-G RAM-G मिशन के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण अधोसंरचना विकास को बढ़ावा देना है, ताकि गांव जल-सुरक्षित, हरित और आत्मनिर्भर बन सकें।

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