छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया। इस जघन्य अपराध ने पूरे इलाके में आक्रोश और सनसनी फैला दी है। घटना के बाद मासूम की तबीयत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
तबीयत बिगड़ने पर हुआ खुलाशा
मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची की शारीरिक स्थिति अचानक खराब होने लगी। परिजनों ने जब मासूम से पूछताछ की और उसकी तकलीफ देखी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बताया जा रहा है कि आरोपी ने मासूम को डरा-धमका कर इस वारदात को अंजाम दिया था। परिजनों ने बिना देरी किए मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और पीड़िता के परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी की पहचान की जा रही है और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है।
अस्पताल में मासूम का उपचार जारी
फिलहाल मासूम बच्ची का उपचार बिलासपुर के सिम्स (CIMS) या जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची गहरे सदमे में है और उसे शारीरिक चोटों के साथ-साथ मानसिक संबल की भी सख्त जरूरत है। अस्पताल प्रबंधन और बाल कल्याण समिति (CWC) भी इस मामले में सक्रिय है ताकि पीड़िता को हर संभव सहायता मिल सके।
समाज में बढ़ता आक्रोश
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। नागरिकों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। सामाजिक संगठनों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दरिंदगी की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों पर बहस छेड़ दी है।








