बिलासपुर में नाबालिग बच्ची के साथ हुई हैवानियत की घटना के बाद अब इंसाफ की मांग को लेकर जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया है। मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने लामबंद होकर इस घटना के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं मानवता पर कलंक हैं और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना अब बेहद जरूरी हो गया है।
आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें इस संवेदनशील मामले की सुनवाई 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' में कराने की प्रमुख मांग रखी गई है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि न्याय में देरी से अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं, इसलिए इस मामले का निपटारा जल्द से जल्द कर दोषियों को फांसी या कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि वे पीड़िता और उसके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में जरा भी ढिलाई बरती गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि जांच को पूरी पारदर्शिता के साथ अंजाम दिया जाए ताकि कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें। इस प्रदर्शन ने न केवल प्रशासन पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान भी किया है।








