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Bilaspur Murder Case: मां के रिश्ते पर शक में बेटे ने कर दी हत्या, दो साल बाद खुला खौफनाक राज…

बिलासपुर में दो साल पुराना एक रहस्यमय हत्या का मामला आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। मां से अवैध संबंध के शक में एक बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक पर फेंककर हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी। दो साल तक लाश की पहचान न हो पाने से मामला दबा रहा, लेकिन तकनीकी जांच और नए सुरागों के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है।

सितंबर 2023 में बिलासपुर के दोमुहानी क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक के पास 40 से 45 वर्ष के व्यक्ति का शव मिला था। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था और हाथ-पैर बांधे हुए थे। शुरुआती जांच में पुलिस को शक हुआ कि व्यक्ति की कहीं और हत्या कर शव यहां फेंका गया है।
पीएम रिपोर्ट में भी गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मामला दर्ज किया, मगर मृतक की पहचान न हो पाने के कारण जांच महीनों तक ठप रही।
गुमशुदगी से मिला बड़ा सुराग:
करीब डेढ़ साल बाद, दिवाली 2024 के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हेमूनगर का रहने वाला विनोद महंत पिछले दो साल से लापता है। पुलिस ने विनोद के परिवार से संपर्क किया। परिवार ने शव के कपड़ों और तस्वीरों को देखकर उसकी पहचान की पुष्टि की।यही वह सुराग था जिसने पुलिस को मामले की गुत्थी सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ाया।
महिला से संबंध पर बेटे को हुआ शक:
जांच में खुलासा हुआ कि मृतक विनोद लालखदान के परियापारा इलाके में रहने वाली एक महिला के संपर्क में था। पुलिस ने जब उस महिला से पूछताछ की, तो उसने बताया कि घटना के एक दिन पहले उसका बेटा कृष्णा पासी (24) अपने दोस्त कमलेश पाल (21) के साथ घर आया था।
उस समय विनोद कमरे में पैंट पहन रहा था। यह देखकर कृष्णा को अपनी मां और विनोद के बीच संबंध का शक हुआ। गुस्से में उसने विनोद से झगड़ा किया और फिर उसे बाइक पर अपने साथ ले गया। उसी दिन के बाद विनोद घर नहीं लौटा।
मकान में की पिटाई, फिर ट्रैक पर फेंका शव:
पुलिस ने कृष्णा और उसके दोस्त कमलेश को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने पहले टालमटोल किया, लेकिन सख्ती से पूछने पर पूरा सच सामने आ गया।आरोपियों ने बताया कि कृष्णा अपनी मां के चरित्र पर शक करता था। उसने विनोद को अपने दूसरे मकान में बुलाकर उसकी पिटाई की। पिटाई के दौरान विनोद बेहोश हो गया। दोनों ने उसे मृत समझकर निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक पर ले जाकर हाथ-पैर बांध दिए और शव जैसा छोड़ दिया।
इसी दौरान विनोद को होश आ गया। यह देखकर कृष्णा ने पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर वार किया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों ने तीसरे साथी मोहन की मदद से शव को ट्रैक पर रखकर लौट गए।
हत्या के बाद पुलिस ने उस समय सिर्फ मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी, लेकिन पहचान न होने से केस ठंडे बस्ते में चला गया।तत्कालीन सीएसपी आईपीएस अक्षय प्रमोद सबद्रा ने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान विवेचक को पीएम रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद मई 2024 में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से आया सच सामने:
एसएसपी रजनेश सिंह ने सभी लंबित मर्ग और हत्या के मामलों की समीक्षा कर जल्द निपटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सीएसपी आईपीएस गगन कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और क्षेत्रीय पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान की और आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने कृष्णा पासी और कमलेश पाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी मोहन अब भी फरार है। उसकी तलाश जारी है।
दो साल बाद मिला इंसाफ का सुराग:
दो साल तक बिना पहचान वाले शव के रूप में पड़ी यह फाइल आखिरकार खुली तो उसमें छिपा था एक बेटे का शक, गुस्सा और खौफनाक अपराध।







