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प्रशासनिक उदासीनता: 9 महीने से टूटी पुलिया, तीन गांवों की आवाजाही ठप

Chhattisgarh 26 April 2026 (30)

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जगदलपुर। सरकार बस्तर में विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। जिले के ग्रामीण अंचल में एक महत्वपूर्ण पुलिया पिछले 9 महीनों से टूटी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। इस पुलिया के ढहने के कारण तीन गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है, जिससे वहां के निवासियों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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प्रमुख समस्याएं:

9 महीने से मरम्मत का इंतजार: पुलिया टूटे हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो कोई मरम्मत कार्य हुआ है और न ही प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है।

जान जोखिम में ग्रामीण: पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे, बीमार लोगों और किसानों को नाले के रास्ते से गुजरना पड़ता है। बारिश या जलस्तर बढ़ने पर यह मार्ग अत्यंत खतरनाक हो जाता है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव: ग्रामीणों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भारी कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस का पहुंचना भी नामुमकिन हो गया है।

ग्रामीणों का दर्द और प्रशासन की सुस्ती

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सूचित किया है, लेकिन हर बार उन्हें केवल 'आश्वासन' ही मिले हैं। कागजों पर विकास की योजनाएं तो बन रही हैं, लेकिन धरातल पर लोग अपनी जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिया का निर्माण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर 9 महीने बीत जाने के बाद भी एक पुलिया की मरम्मत क्यों नहीं की जा सकी।

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