रायपुर नगर निगम के जोन 8 स्वास्थ्य विभाग ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत एक अत्यंत प्रेरणादायक और अनूठा कदम उठाया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 में स्थित झगरहीन तालाब के सामने सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन में स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना और उन्हें यह समझाना था कि एक स्वच्छ शहर के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है।
प्रशासनिक अपील और सख्त चेतावनी
जोन अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान में जोन स्वास्थ्य अधिकारी गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक रितेश झा एवं राकेश बंजारे ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फेंकें और सफाई मित्रों को कचरा वाहन में ही कचरा दें। इसके साथ ही, प्रशासन ने खुले में कूड़ा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी, ताकि शहर की सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनी रहे।
4-डिब्बा प्रणाली का महत्व
इस अभियान के दौरान टीम ने 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी 'नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026' के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नागरिकों को 'चार डिब्बा प्रणाली' के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि कचरे का वर्गीकरण कैसे करना है:
नीला डिब्बा: सूखा कचरा
हरा डिब्बा: गीला कचरा
लाल डिब्बा: सेनेटरी कचरा
काला डिब्बा: विशेष देखभाल वाला कचरा (Hazardous Waste)
नागरिकों से इन नियमों का पालन कर रायपुर को एक आदर्श और स्वच्छ राजधानी बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की गई।







