धूमारस -अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहाँ प्रकृति अपनी गोद में आपको सुकून दे सके, तो बस्तर का धूमारस गांव आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। अक्सर लोग प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मेघालय या उत्तर-पूर्व की ओर रुख करते हैं, लेकिन बस्तर का यह गांव अपनी हरी-भरी वादियों, घने जंगलों और शांत वातावरण के कारण 'छत्तीसगढ़ का मेघालय' जैसा अनुभव देता है। गर्मियों के दौरान भी यहाँ का मौसम मैदानी इलाकों की तुलना में काफी सुखद रहता है, जो इसे पर्यटकों के लिए एक खास डेस्टिनेशन बनाता है।
धूमारस की खासियत इसकी सादगी और प्राकृतिक वैभव है। यहाँ आपको प्रकृति के करीब होने का अहसास हर कदम पर होगा। गांव के चारों ओर फैली हरियाली, कल-कल करते झरने और आदिवासी संस्कृति की झलक पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं या शांति के कुछ पल अपने परिवार के साथ बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी। यहाँ की शुद्ध हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण शहरों की भागदौड़ से थके हुए लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इस गांव तक पहुंचना भी आसान है; जगदलपुर से नजदीकी कनेक्टिविटी के चलते पर्यटक आसानी से यहाँ तक आ सकते हैं। धूमारस की यात्रा का सबसे अच्छा समय गर्मियों की शुरुआत और मानसून के ठीक पहले का होता है, जब पूरी प्रकृति ताजी और जीवंत दिखती है। तो, इस बार किसी महंगे ट्रिप की योजना बनाने से पहले बस्तर के इस अनमोल रत्न 'धूमारस' को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें। यह सफर न केवल आपकी जेब के लिए किफायती होगा, बल्कि जीवनभर के लिए खुशनुमा यादें भी देकर जाएगा।







