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मजदूरों को सौगात: छत्तीसगढ़ में प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा 5 किलो का 'फ्री ट्रेड' LPG सिलेंडर; अब नहीं भड़कना होगा चूल्हा!

Raipur: छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों या जिलों से आकर मजदूरी करने वाले श्रमिकों के लिए अब खाना बनाना आसान होगा। राज्य सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों को 5 किलो का फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अक्सर देखा जाता है कि किराए के कमरों या अस्थायी ठिकानों पर रहने के कारण इन मजदूरों के पास स्थायी पता (Address Proof) नहीं होता, जिससे उन्हें बड़ा गैस कनेक्शन नहीं मिल पाता। इस योजना के शुरू होने से हजारों श्रमिक परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलेगी।

बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा कनेक्शन
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए जटिल दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी। प्रवासी मजदूर केवल अपने आधार कार्ड या श्रमिक पंजीयन कार्ड के माध्यम से यह 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। 'फ्री ट्रेड' (Free Trade) होने के कारण इसमें एड्रेस प्रूफ की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। इससे उन मजदूरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो निर्माण कार्यों, ईंट भट्ठों या अन्य मौसमी उद्योगों में काम करने के लिए छत्तीसगढ़ आते हैं।
योजना के मुख्य आकर्षण:
पोर्टेबिलिटी: 5 किलो का छोटा सिलेंडर हल्का और आसानी से कहीं भी ले जाने योग्य है।
किफायती रिफिल: बड़े सिलेंडर की तुलना में इसका रिफिल खर्च कम होगा, जो दैनिक वेतन भोगी मजदूरों के बजट के अनुकूल है।
सुरक्षा: लकड़ी या कोयले के चूल्हे से होने वाले वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होगा।
आसान उपलब्धता: ये सिलेंडर प्रमुख गैस एजेंसियों और चिन्हित केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रशासन की तैयारी और लक्ष्य
खाद्य विभाग और श्रम विभाग संयुक्त रूप से इस योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी श्रमिक ईंधन की कमी के कारण भूखा न रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाएं जहाँ प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है। इस पहल को केंद्र सरकार के 'उज्ज्वला योजना' के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।







