RRT News बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में 'साड़ी वितरण योजना' को लेकर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'साड़ी घोटाला' करार दिया है। बिलासपुर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस राज में महिलाओं को बांटी गई साड़ियों की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वे पहनने लायक नहीं थीं; महिलाएं उन साड़ियों का उपयोग मछली झोलने (पकड़ने) के लिए करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि साड़ियों के नाम पर कांग्रेस शासन में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि पिछली सरकार ने केवल भ्रष्टाचार के उद्देश्य से घटिया सामग्री की खरीदी की, जिससे न तो महिलाओं का सम्मान हुआ और न ही सरकारी धन का सही उपयोग। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार अब इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाएगी और महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाली साड़ियां प्रदान की जाएंगी। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में योजनाओं का लाभ जनता को मिलने के बजाय बिचौलियों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था।
इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आना तय है। कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए भाजपा पर विकास कार्यों के बजाय केवल पिछली सरकार पर दोषारोपण करने का आरोप लगाया है। बहरहाल, मंत्री के इस 'मछली झोलने' वाले बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। बिलासपुर में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने विभाग की अन्य योजनाओं में भी कसावट लाने और गड़बड़ियों की जांच कराने के संकेत दिए हैं।
लक्ष्मी राजवाड़े ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार महतारी वंदन जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को सीधे आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है, जबकि पिछली सरकार ने केवल लोकलुभावन और खोखले वादे किए थे। अब देखना होगा कि 'साड़ी घोटाले' के इन आरोपों पर कांग्रेस की क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और क्या शासन इस मामले की कोई उच्च स्तरीय जांच शुरू करेगा।








