CG News : कोंडागांव: शिक्षा विभाग के कार्यालयों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक और सनसनीखेज उदाहरण कोंडागांव में देखने को मिला। यहाँ एक सेवानिवृत्त शिक्षक की मेहनत की कमाई यानी पेंशन शुरू करने के बदले 'लक्ष्मी' की मांग की जा रही थी। लेकिन इस बार बाबू का पासा उल्टा पड़ गया।
पेंशन के बदले मांगी '40 हजार' की घूस
मिडिल स्कूल सरपंच पारा (राणापाल) से 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए सोनसिंह यादव अपनी पेंशन शुरू कराने के लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय के चक्कर काट-काट कर थक चुके थे। उनकी इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए वहां पदस्थ बाबू सतीश सोढ़ी ने काम के बदले 40,000 रुपये की डिमांड कर डाली।
ACB ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा
लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रहे पीड़ित शिक्षक ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय लड़ने का फैसला किया। उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) जगदलपुर में कर दी। ACB ने पहले मामले की जांच की। जैसे ही सतीश सोढ़ी ने रिश्वत की रकम हाथ में थामी, पहले से तैयार खड़ी ACB की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
क्या सुधरेगा विभाग?
हैरानी की बात यह है कि कोंडागांव BEO कार्यालय में रिश्वतखोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। भ्रष्टाचार की यहाँ जैसे रीत बन गई है, इससे पहले क्लर्क पंचम लाल देवांगन पर गाज गिरी थी। उसके बाद जयंती देवांगन भी रिश्वत लेते पकड़ी गई थीं। और अब सतीश सोढ़ी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
एक ही कार्यालय में बार-बार ACB की छापेमारी के बाद भी अधिकारियों की नाक के नीचे यह सब कैसे चल रहा है? क्या इस भ्रष्टाचार के सिंडिकेट में कुछ और बड़े चेहरे भी शामिल हैं?
आरोपी बाबू सतीश सोढ़ी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य 'भ्रष्ट' कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।








