CG NEWS : बिलासपुर। 1 अप्रैल 2026 :छत्तीसगढ़ के सबसे बहुचर्चित राजनीतिक हत्याकांडों में से एक, रामावतार जग्गी मर्डर केस में आज बिलासपुर हाईकोर्ट में एक अहम मोड़ आया। मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और आरोपी अमित जोगी के वकील ने कोर्ट से तैयारी के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। हालांकि, चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया और बचाव पक्ष को केवल एक दिन की मोहलत दी है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अंतिम सुनवाई गुरुवार, 2 अप्रैल को तय की गई है।
बता दें कि यह पूरा मामला साल 2003 का है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता रामावतार जग्गी की रायपुर में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने उस वक्त छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया था। साल 2007 में निचली अदालत ने इस मामले में 28 आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था। इसके बाद दो साल पहले हाईकोर्ट ने भी अन्य दोषियों की सजा को बरकरार रखा था, जिसके बाद यह कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंची।
अब उच्चतम न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए इस केस को दोबारा खोला गया है। अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ दायर इस अपील पर हाईकोर्ट में हो रही त्वरित सुनवाई ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इस केस के रिओपन होने से अमित जोगी की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं। कल होने वाली अंतिम सुनवाई पर अब पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।








