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CG ब्रेकिंग: एक ही दिन में 49 शिक्षक सस्पेंड; शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

Chhattisgarh RRT News Desk 10 January 2026

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रायपुर/कांकेर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और सरकारी आदेशों की अवहेलना पर कड़ा प्रहार किया है। प्रदेश में एक ही दिन के भीतर कुल 49 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे प्रदेश के शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सबसे बड़ी कार्रवाई कांकेर जिले में हुई है जहाँ 38 शिक्षकों पर गाज गिरी है, वहीं सरगुजा में 11 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

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युक्तियुक्तकरण के आदेश को ठेंगा दिखाना पड़ा भारी

सरगुजा जिले में हुई कार्रवाई का मुख्य कारण युक्तियुक्तकरण (Rationalization) की प्रक्रिया के बाद मिली नई पदस्थापना को नजरअंदाज करना है। शासन ने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए करीब 600 शिक्षकों का स्थानांतरण किया था। इनमें से 585 शिक्षकों ने तो जिम्मेदारी संभाल ली, लेकिन 15 शिक्षक बार-बार नोटिस और समझाइश के बाद भी अपनी नई ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए।

सिविल सेवा नियमों के तहत हुई सख्त कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के इस अड़ियल रवैये को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना है। जिला शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, छात्रों के भविष्य और पढ़ाई के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। 11 शिक्षकों के निलंबन के साथ-साथ विभाग ने संकेत दिए हैं कि रडार पर मौजूद अन्य 5 शिक्षकों पर भी जल्द ही कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

रडार पर अन्य शिक्षक, सोमवार तक बढ़ सकता है आंकड़ा

यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, सामान्य प्रशासन विभाग ने 13 जनवरी तक सभी जिलों से कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिसे 15 जनवरी तक शासन को सौंपना अनिवार्य है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले सोमवार तक निलंबित शिक्षकों की संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। फिलहाल 5 शिक्षकों के मामले न्यायालयीन और उच्च कार्यालयों में लंबित होने के कारण उन पर फैसला सुरक्षित रखा गया है।

छात्रों का हित सर्वोपरि: शिक्षा विभाग का संदेश

विभाग ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण की पूरी कवायद छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर की गई है ताकि किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी न रहे। आदेश की अवहेलना न केवल प्रशासनिक अनुशासन को तोड़ती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा को भी बाधित करती है। इस सख्त संदेश के साथ विभाग ने सभी कर्मचारियों को समय पर अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने की चेतावनी दी है।

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