छत्तीसगढ़ के आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया है और अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रायपुर और बिलासपुर संभाग सहित राज्य के कई बड़े जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। दक्षिण से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मेल ने एक ऐसा वेदर सिस्टम तैयार किया है, जो तेज आंधी और भारी बारिश के साथ राज्य के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है, जो कमजोर निर्माणों और पेड़ों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों या बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न रुकें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
खेती-किसानी के नजरिए से यह बेमौसम बारिश किसी बड़े झटके से कम नहीं है। बिलासपुर, मुंगेली और बेमेतरा जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुँच सकता है। मंडियों में रखे धान और खुले में पड़ी कटी हुई फसलों को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। हालांकि, इस बारिश से तापमान में 5 से 7 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे झुलसाती गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन यह राहत आफत के साथ आ रही है।
रायपुर प्रशासन ने आपदा राहत टीमों (SDRF) को स्टैंडबाय पर रखा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके। बिजली विभाग को भी अलर्ट किया गया है क्योंकि तेज हवाओं के कारण खंभे गिरने और घंटों बिजली गुल रहने की समस्या आ सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बेवजह लंबी यात्राओं से बचें और मौसम साफ होने का इंतजार करें। मंगलवार शाम तक स्थिति के और भी गंभीर होने के आसार हैं।








