छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में ईधन की आपूर्ति को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में 'छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026' को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के शहरों में पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को आसान बनाना है। सरकार के इस कदम से आने वाले समय में आम नागरिकों को LPG सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और उन्हें गैस का एक अधिक किफायती व सुरक्षित विकल्प मिल सकेगा।
इस नीति के क्रियान्वयन से शहरी क्षेत्रों में गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का जाल बिछ सकेगा, जिससे घर-घर तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही, पाइपलाइन अधोसंरचना के विस्तार से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की यह पहल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ईंधन की विविधता लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
कैबिनेट बैठक में गैस वितरण नीति के अलावा अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। इसमें राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन रियायती दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार से अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों और संस्थाओं को लगभग 12 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। सरकार के इन फैसलों से एक तरफ जहां जनसुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे के विकास पर भी सरकार का पूरा फोकस है।








