NV News -महासमुंद छत्तीसगढ़ में सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला कांग्रेस भवन का है, जहाँ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच सरेआम 'दंगल' देखने को मिला। जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में चल रही एक औपचारिक चर्चा के दौरान अचानक विवाद इतना बढ़ गया कि बात गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट तक जा पहुँची। अनुशासन का दावा करने वाली पार्टी के कार्यालय में ही नेताओं का यह हिंसक रूप देखकर वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी हतप्रभ रह गए।
उपाध्यक्ष और पूर्व कोषाध्यक्ष के बीच तीखी झड़प
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत संगठन के आंतरिक कामकाज और पुराने हिसाब-किताब को लेकर हुई। जिलाध्यक्ष के सामने ही उपाध्यक्ष और पूर्व कोषाध्यक्ष के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों नेताओं ने अपना आपा खो दिया और एक-दूसरे पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी जबरदस्त थी कि बीच-बचाव करने आए अन्य कार्यकर्ताओं को भी चोटें आईं। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया, लेकिन तब तक कांग्रेस भवन का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो चुका था।
जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में हुआ 'रण'
हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में हुई। जिलाध्यक्ष ने दोनों नेताओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित पदाधिकारी वरिष्ठों की मर्यादा भी भूल गए। इस भिड़ंत का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों को भी कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिल गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी का नतीजा है, जो अब हिंसक रूप लेने लगी है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी
घटना की सूचना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और इसे 'घोर अनुशासनहीनता' माना है। मारपीट में शामिल दोनों पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने की तैयारी की जा रही है। पीसीसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि कार्यालय के भीतर ऐसी अमर्यादित हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर निलंबन की गाज गिर सकती है। फिलहाल, कांग्रेस भवन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती बरती जा रही है।








