साइबर अपराधी अब व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। ठगी का तरीका कुछ इस प्रकार है:
धमकी भरा मैसेज: उपभोक्ता को मैसेज भेजा जाता है कि "आपका बिजली बिल बकाया है, आज रात 9 बजे कनेक्शन काट दिया जाएगा" या "नए कनेक्शन के वेरिफिकेशन के लिए यह फाइल डाउनलोड करें।"
APK फाइल का खेल: ठग 10 अंकों के मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजते हैं और उसे इंस्टॉल करने को कहते हैं।
मोबाइल का रिमोट एक्सेस: जैसे ही कोई इस फाइल को इंस्टॉल करता है, ठगों को उस व्यक्ति के मोबाइल का पूरा एक्सेस (Control) मिल जाता है। वे आपके मैसेज (OTP), गैलरी और बैंकिंग ऐप्स को अपनी स्क्रीन पर देख सकते हैं।
खाता साफ: ओटीपी तक पहुंच होने के कारण वे मिनटों में आपके बैंक खाते से पूरी रकम उड़ा देते हैं।
CSPDCL की सख्त चेतावनी
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने स्पष्ट किया है कि विभाग कभी भी किसी उपभोक्ता को 10 अंकों के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से कोई फाइल या लिंक नहीं भेजता। बिजली विभाग के अधिकृत मैसेज हमेशा 'CSPDCL' सेंडर आईडी के साथ आते हैं। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अज्ञात नंबरों से आने वाली किसी भी फाइल को डाउनलोड न करें।
साइबर ठगों से बचने के लिए क्या करें? (Safety Tips)
अनजान APK से बचें: कभी भी व्हाट्सएप या किसी लिंक के जरिए प्राप्त APK फाइल को इंस्टॉल न करें। ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
1912 पर करें संपर्क: बिजली बिल या कनेक्शन से जुड़ी किसी भी शंका के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करें।
'मोर बिजली' ऐप का करें उपयोग: बिल भुगतान और कनेक्शन की जानकारी के लिए केवल विभाग के अधिकृत 'More Bijli' ऐप का ही इस्तेमाल करें।
सेटिंग्स बदलें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर 'Install from Unknown Sources' को हमेशा OFF रखें।
अगर ठगी हो जाए तो क्या करें?
यदि आपने गलती से फाइल इंस्टॉल कर ली है या आपके साथ वित्तीय धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत:
अपना इंटरनेट डेटा बंद करें और फोन को फ्लाइट मोड पर डाल दें।
सिम कार्ड निकाल लें और किसी दूसरे फोन से साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
बैंक को सूचित कर अपने खाते और कार्ड को तुरंत ब्लॉक करवाएं।







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