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छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण की बड़ी उपलब्धि: 3.52 लाख पौधों के रोपण से बढ़ा हरित आवरण, साय सरकार की मुहिम लाई रंग...

Chhattisgarh RRT News Desk 31 January 2026

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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की आबोहवा को शुद्ध रखने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए चलाए गए वृक्षारोपण अभियान के सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 3.52 लाख पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया है। इस वृहद अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के वन क्षेत्र को बढ़ाना और पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) को मजबूत करना है।

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हरित आवरण (Green Cover) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में किए गए पौधारोपण से आने वाले समय में राज्य के हरित आवरण में महत्वपूर्ण सुधार होगा। सरकारी जमीन, नदी तटों, सड़क के किनारे और खाली पड़े वन क्षेत्रों में सघन पौधारोपण किया गया है। इसमें फलदार, छायादार और औषधीय गुणों वाले पौधों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ भी मिल सके।

जनभागीदारी और विभागीय समन्वय

इस अभियान की सफलता के पीछे वन विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'हरित छत्तीसगढ़' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत भी हजारों पौधे लगाए गए, जिससे आम जनता का जुड़ाव इस मुहिम से बढ़ गया।

पौधों की सुरक्षा के लिए 'ट्री-गार्ड' और फेंसिंग

केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी उत्तरजीविता (Survival Rate) सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए वन विभाग ने पौधों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकांश क्षेत्रों में ट्री-गार्ड लगाए गए हैं और कंटीले तारों से फेंसिंग की गई है। इसके अलावा, गर्मी के मौसम में सिंचाई के लिए स्थानीय स्तर पर पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि रोपित किए गए पौधे वृक्ष बन सकें।


प्रदूषण नियंत्रण में मिलेगी मदद

औद्योगिक क्षेत्रों और शहरी इलाकों के आसपास किए गए इस सघन वृक्षारोपण से बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी। 3.52 लाख पौधों के बड़े होने पर ये 'कार्बन सिंक' (Carbon Sink) के रूप में कार्य करेंगे, जिससे राज्य के तापमान में स्थिरता आएगी और भूजल स्तर में भी सुधार होगा। शासन का लक्ष्य है कि भविष्य में इस अभियान का विस्तार कर हरियाली के मामले में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए।

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