Breaking
- Cyclone Arnab Impact: लैंडफॉल के बाद और खतरनाक हुआ महाचक्रवात 'अर्नब', छत्तीस...
- Sarang Helicopter Display Team CG: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में गूंजेगा भारतीय वा...
- Sarang Helicopter Display Team CG: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में गूंजेगा भारतीय वा...
- सराफा व्यापारी से 50 लाख की सनसनीखेज लूट, जंगल के बीच 6 बदमाशों ने डंडे से हम...
- Surakshit Bachpan Abhiyan Raipur: रायपुर के 21 विद्यालयों में चला 'सुरक्षित ब...
- Balcony Gardening Tips: अपनी बालकनी को बनाएं खूबसूरत 'मिनी बटरफ्लाई गार्डन', ...
- Horoscope Today 28 October 2026: मिथुन और सिंह राशि वालों को नौकरी में तरक्की...
- Utkrisht Krishak Ratn Samman: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- 'किसानों की सम...
- Bastar Dussehra Concludes: विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का हुआ समापन,...
- मोबाइल देखने को लेकर उपजे विवाद में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटक...
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 'स्वास्थ्य सचिव' बनकर अस्पतालों से वसूली की कोशिश
_m.webp)
RRT News -रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य महकमे में इन दिनों एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसने विभाग से लेकर निजी अस्पतालों तक में हड़कंप मचा दिया है। शातिर जालसाज खुद को स्वास्थ्य विभाग का उच्च अधिकारी और 'स्वास्थ्य सचिव' बताकर विभिन्न निजी और सरकारी अस्पतालों के संचालकों को फोन कर रहे हैं। इन कॉल्स के जरिए अस्पतालों में कमियां निकालने या निरीक्षण का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम की मांग की जा रही है, जिससे चिकित्सा जगत में भय और असमंजस का माहौल है।

अजय अग्रवाल के नाम का हो रहा दुरुपयोग
खबरों के अनुसार, ठगों द्वारा विभाग के वास्तविक अधिकारी अजय अग्रवाल के नाम और पद का इस्तेमाल कर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया जा रहा है। ये जालसाज बेहद आत्मविश्वास के साथ बात करते हैं और आधिकारिक लहजे का प्रयोग कर अस्पताल प्रबंधन को झांसे में लेने की कोशिश करते हैं। कई अस्पताल संचालकों ने इसकी शिकायत विभाग में की, जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि विभाग की ओर से ऐसा कोई भी फोन कॉल या वसूली अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
इस गंभीर मामले को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया है और प्रदेश के सभी अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों के लिए एक आधिकारिक चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी फोन पर इस तरह से पैसों की मांग नहीं करता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संचालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि यदि उनके पास ऐसा कोई संदिग्ध कॉल आता है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।
साइबर सेल और पुलिस जांच में जुटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल की टीमें सक्रिय हो गई हैं। उन मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है जिनसे कॉल किए गए थे। शुरुआती जांच में यह किसी संगठित गिरोह का काम लग रहा है जो सरकारी अधिकारियों की पहचान चोरी कर उगाही का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता और संस्थाओं से अपील की है कि वे अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में आकर डिजिटल लेनदेन करने से बचें।







