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Digital Connectivity: छत्तीसगढ़ की जेलों में अब 'वीडियो कॉल' से होगी अपनों से मुलाकात; जेल विभाग और BSNL के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

Raipur: छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों के लिए अपनों से संपर्क साधना अब और भी आसान और पारदर्शी होने जा रहा है। जेल विभाग और BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) के बीच एक महत्वपूर्ण MoU (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत प्रदेश की सभी जेलों में आधुनिक वीडियो और ऑडियो प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इस तकनीक के आने से जेलों में कैदियों की मुलाकात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले परिजन, जिन्हें जेल तक आने में आर्थिक और शारीरिक परेशानी होती थी, अब वीडियो कॉल के जरिए अपनों से बात कर सकेंगे। यह सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित (Secured) होगा और इसकी निगरानी जेल प्रशासन द्वारा की जाएगी। इससे जेलों में होने वाली भीड़भाड़ कम होगी और सुरक्षा जोखिमों को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। BSNL द्वारा इन सिस्टमों के लिए हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।
जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके पुनर्वास (Rehabilitation) की दिशा में भी सहायक होगी। परिजनों से नियमित और आसान संपर्क रहने से कैदियों के व्यवहार में सकारात्मक सुधार आने की उम्मीद है। शुरुआत में इसे प्रमुख केंद्रीय जेलों में लागू किया जाएगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य की सभी छोटी-बड़ी जेलों में इस सुविधा को विस्तार दिया जाएगा। यह कदम 'डिजिटल छत्तीसगढ़' के विजन को जेलों की सलाखों के पीछे तक पहुंचाने जैसा है।







