रायपुर। जब छत्तीसगढ़ सरकार ने 'महतारी गौरव वर्ष 2026' का ऐतिहासिक संकल्प लिया, तो यह केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के प्रति अगाध सम्मान और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समाज के हर क्षेत्र में अग्रणी बनाना, उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर देना और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाना है। यह वर्ष पूरी तरह से प्रदेश की माताओं और बेटियों की उपलब्धियों, उनके साहस और समाज निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को समर्पित रहेगा।
सरकार की इस दूरदर्शी योजना के तहत राज्य भर में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 'महतारी गौरव वर्ष' के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक नई गति दी जाएगी, ताकि उनका सीधा लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिलाओं तक पहुंच सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, साथ ही उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
'महतारी गौरव वर्ष 2026' के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार न केवल सामाजिक संरचना में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है, बल्कि महिलाओं के प्रति समाज की सोच को भी बदलने का संकल्प ले रही है। यह पहल प्रदेश की बेटियों के लिए अपने सपनों को उड़ान देने का एक सुनहरा अवसर सिद्ध होगी। इस वर्ष के दौरान होने वाले आयोजनों और नीतियों का सकारात्मक असर आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में दिखाई देगा, जहां महिलाएं एक मजबूत, शिक्षित और आत्मविश्वास से भरी भूमिका में होंगी।








